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ये हैं पश्चिम बंगाल की विपक्षी पार्टी तृणमूल का प्रमुख ममता बनर्जी और साथ में खड़े हैं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सोमेन मित्र । ये वही सोमेन मित्र हैं जिन्होंने ममता बनर्जी को कांग्रेस छोड़ने और अलग पार्टी बनाने पर १९९४ में मजबूर कर दिया था। आज खुद सोमेन ने कांग्रेस छोड़ दी है और अलग पार्टी बनाने का न सिर्फ एलान कर दिया है बल्कि ममता के साथ मिलकर माकपा का विरोध करने का वादा भी कर लिया है। इसी वजह से २१ जुलाई को कोलकाता में ममता की रैली में शामिल भी हुए। इसी मंच से ममता ने विश्वासमत में शामिल नहीं होने का एलान भी किया। अब वे लगातार बंगाल में आंदोलन करेंगी। देखते हैं दो दुशमन कितने दोस्त साबित होते हैं। कभी दुश्मन थे अब राजनीतिक अवसरवादिता ने एक मंच पर ला खड़ा किया है।
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