
क्या मुंबई में अब सिर्फ मराठी, कोलकाता में बंगाली, केरल में मलयाली, आंध्र प्रदेश में तेलगू, तमिलनाडु में तमिल, असम में असमिया, पंजाब, हरियाणा में पंजाबी व जाट और राजस्थान में मारवाड़ी या दूसरे राज्यों उसके बहुसंख्यक रहेंगे ? सत्ता के लिए देश का यह बंटवारा ...
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